अंजलि ने हिम्मत करके कदम बढ़ाए—पर जैसे ही उसने कोने की ओर देखा, उसे लगा कि हवा ठंडी हो गई है। वह महसूस कर सकती थी कि घर के हर धड़कन में किसी और का ध्यान पड़ा हुआ है। दीवार पर धुंधली खरोंचें अचानक गहरी सालों से खींची रेखाएँ बन कर बदलने लगीं और खिड़की का शीशा भीतर से टकराने लगा—किसी ने धीरे से आवाज़ दी: "नहीं…यह मेरा है।"
दरार ने तरंगित होना बंद कर दिया—और फिर से एक स्वर निकला, पर इस बार उसमें किसी शांति की झलक थी। "मैं अकेला नहीं हूँ," आवाज़ बोली, "पर तुम भी अकेली नहीं हो। हम सब खंडित हैं—कुछ दरारों में फँसे, कुछ दीवारों में। मैं तुम्हें वापस नहीं कर सकता, पर मैं यह बता सकता हूँ कि दायरे बदल जाते हैं।" अरविंद की आँखें धीरे-धीरे बंद हुईं। उसकी साँसें शांत हुईं और वह माँ की बाहों में लौट आया—पर कुछ बदला हुआ था। उसकी मुस्कान अब कभी-कभी रात के बीच अजीब तरह की होती—हसीन पर ठंडी। insidious chapter 1 in hindi download filmyzilla 2021 top
उस घर की सबसे बड़ी खिड़की से चांदनी दूर-दराज़ के पेड़ों पर फैल रही थी। अंजलि ने सोचा कि आज रात चुप्पी ज्यादा गहरी है—ऐसी गूंज जो सिर्फ़ पुराने घरों में होती है। उसने अपने छोटे बेटे, अरविंद, के लिए रात का दूध रखा और धीमी आवाज़ में कहने लगी, "सो जा अब, गुड़िया।" " आवाज़ बोली


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